कसली एक लालची बच्चा था। उसे हमेशा अपनी पसंद की चीजें ज्यादा चाहिए होती थी।और एक दिन चूचू की मम्मी ने सभी बच्चों को आइसक्रीम

लालची नन्हा कसली, Manohar kahaniyan

 लालची नन्हा कसली, Manohar kahaniyan

कसली एक लालची बच्चा था। उसे हमेशा अपनी पसंद की चीजें ज्यादा चाहिए होती थी।

एक दिन चूचू की मम्मी ने

सभी बच्चों को आइसक्रीम

खाने के लिए बुलाया।

" तुम लालची मत होना,"

कसली की मां ने कहा।

चूचू ,चीका ,चीकू और चाचा बहुत अच्छे से पेश आए। सभी बच्चों ने आइसक्रीम का एक ही स्कूप चुना।

पर जब कसली की बारी आई, तो वो बहुत लालची हो गया।

" मुझे आइसक्रीम के चार स्कूल चाहिए!" कसली ने कहा।

दुकानदार ने कसली को आइसक्रीम के चार स्कूल 

 दिए। उसने एक के ऊपर एक स्कूप रख दिए।

कसली बहुत खुश हुआ।

पर जैसे ही कसली

आइसक्रीम खाने वाला था,

सारे चार स्कूल हिलने लगे...

और फिर, पिचक! जमीन पर सारे चार स्कूल गिर गए।

" अरे नहीं!" कसली रोने लगा।

उसके पास रह गया बस एक खाली आइसक्रीम कोन!

" कसली, तुम्हें इतना लालची नहीं होना चाहिए ," सभी ने कहा।

कसली भी सोचने लगा कि

कितना अच्छा होता अगर

उसने लालच नहीं किया होता।

चूचू की मम्मी बहुत बड़े दिल की थी। उन्होंने कसली को एक और आइसक्रीम दिलवा दी।

इस बार कसली लालची नहीं बना। इसलिए उसने आइसक्रीम के हर बाईट को मजे से खाया।

बड़ा मजेदार।                                

                       

                  By=Shagun singh, class- 4

_________________________________________

इसे भी पढ़ें- लाल बरसाती मनोहर कहानियां