लाल बरसाती, मनोहर कहानियां,
रविवार के दिन , मां- बाबा ने मनु को एक लाल रंग की बरसाती खरीद कर दी।" मां, क्या मैं इसे अभी पहन सकता हूं ? " नहीं, बेटे! केवल तभी , जब बारिश होगी। और अभी तो आसमान साफ है।"
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| लाल बरसाती, मनोहर कहानियां, Manohar kahaniyan |
लाल बरसाती,
रविवार के दिन , मां- बाबा
ने मनु को एक लाल रंग की बरसाती खरीद कर दी।
" मां, क्या मैं इसे अभी पहन सकता हूं ?"
" नहीं, बेटे! केवल तभी , जब बारिश होगी। और अभी तो आसमान साफ है।"
सोमवार धूप से भरा
चमकीला दिन था।
" मां, क्या आज बारिश
होगी?" मनु ने पूछा।
" नहीं मनु, आज नहीं।आज
बरसाती मत पहनना नही
तो तुम अजीब लगोगे," मां बोली।
मंगलवार को आसमान नीला था। " मां कब होगी पूरी मेरी मन की बात?" मनु ने पूछा। " आज नहीं बेटा! आज तो आसमान में सिर्फ एक नन्हा सफेद बादल है," मां बोली।
बुधवार को बहुत गर्मी थी।" मां, बारिश क्यों नहीं हो रही?" मनु ने पूछा।
" बेटे, मुझे लगता है बारिश
जल्दी होगी। शायद आज दोपहर तक हो जाए।" मां बोली।
गुरुवार को मनु पिकनिक पर गया। " मां, अगर बारिश हुई तो?
क्या मैं अपने साथ बरसाती ले जाऊं?" मनु ने पूछा।
" नहीं, प्यारे बेटे! आज बारिश नहीं होगी। नन्ही सफेद बादल आसमान में बहुत ऊंचाई पर है," मां बोली।
शुक्रवार को घटा छाई थी।
" मां, आज जरूर बारिश होगी, है ना!" मनु जोर से बोला।
" हां हो सकती है, मेरे प्यारे बेटे! आज आसमान में कुछ काले बादल नीचे उतर आए हैं।"
शनिवार को बिजली के जोर -जोर से कड़कने की आवाज हुई। " मां, क्या यह बिजली के
कड़कने की आवाज है?
क्या अभी बारिश होगी?"
मनु ने पूछा।
और फिर सच में बारिश होने लगी।
" अरे बारिश हो रही है,
बारिश हो रही है," मनु ने गाना गाया और बाहर भागा।
" मनु! तुम अपनी बरसाती भूल गए।" मां उसके पीछे दौड़ते हुई बोली।
- : शगुन सिंह , कक्षा-04
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