धर्मराज सावित्री से कहते हैं कि भारतवर्ष में रहने वाला जो प्राणी श्री कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है वह 100 जनों के पापों से मुक्त हो जाता है,

क्यों सभी को करना चाहिए जन्माष्टमी व्रत ?

क्यों सभी को करना चाहिए जन्माष्टमी व्रत ? जन्माष्टमी का व्रत सभी को जरूर जरूर जरूर करना चाहिए है।

 धर्मराज सावित्री से कहते हैं कि भारतवर्ष में रहने वाला जो प्राणी श्री कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है वह 100 जनों के पापों से मुक्त हो जाता है,

 भविष्य पुराण एवं उत्तर पुराण में लिखा है श्री कृष्ण भगवान युधिष्ठिर से कह रहे हैं कि 20 करोड़ एकादशी व्रत के समान अकेला जन्माष्टमी का व्रत है यही बात शास्त्रों में भगवान ब्रह्मा जी ने भी कहा कि जो जन्माष्टमी का व्रत रखता है उसे करोड़ एकादशी व्रत करने का पुण्य प्राप्त होता है और उसके रोग दोष दूर हो जाते हैं।

 वायु पुराण में जन्माष्टमी के दिन की महिमा लिखी गई है जो जन्माष्टमी की रात्रि को उत्सव के पहले अन्न खाता है , भोजन कर लेता है वह नाराधन है । और जो उपवास करके, जब, ध्यान, करके उत्सव मना कर भगवान के जन्म के बाद खाता है वह अपने कुल की 21 पीढ़ियां ताड़ लेता है ।  

क्यों सभी को करना चाहिए जन्माष्टमी व्रत ?

भविष्य पुराण में आता है जन्माष्टमी व्रत अकाल मृत्यु को टालने वाला गर्भपात के कष्टो से बचाने वाला और दुर्भाग्य और कलह को दूर करने वाला होता है।

 तो इतनी अपार महिमा है जन्माष्टमी के व्रत की,  हम सभी को बताएं और उन्हें भी प्रेरित करें इस व्रत को करने के लिए जय श्री कृष्णा।